ताना बाना

मन की उधेड़बुन से उभरे विचारों को जब शब्द मिले

तो कुछ सिलवटें खुल गईं और कविता में ढल गईं

और जब शब्दों से भी मन भटका

तो रेखाएं उभरीं और

रेखांकन में ढल गईं...

इन्हीं दोनों की जुगलबन्दी से बना है ये

ताना- बाना

यहां मैं और मेरा समय

साथ-साथ बहते हैं

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सोमवार, 5 अगस्त 2019

The Queen’s Gallery Buckingham Palace -Leonardo Da Vinci ;A Life In Drawing

             

बकिंघम पैलेस में स्थित क्वीन्स गैलरी द्वितीय विश्व- युद्ध में जर्मनी द्वारा नष्ट किए महल में स्थित छोटे गिरजाघर
वाले स्थान पर ही बनाई गई और 1962 ई में इसे शाही संग्रह की कलाकृतियों के अवलोकनार्थ जन सामान्य के लिए खोल दिया गया ।आज भी यहाँ पर विभिन्न प्रदर्शनियाँ लगती रहती हैं ।
Leonardo Da Vinci ;A Life In Drawing 
————————————————-  24 मई -13  अक्टूबर 2019  तक यहाँ लियोनार्डो की 500 वीं  डैथ एनिवर्सरी पर “लियोनार्डो द विंची ” की चित्र प्रदर्शनी " लियोनार्डो द विंची ,ए लाइफ इन ड्रॉइंग ” लगी हुई थी ।यूरोप के नव-जागरण काल के बहु प्रतिभाशाली इस  कलाकार का जन्म 15 अप्रैल 1452 ई॰ में इटली के फ्लोरेंस के निकट विंची गाँव में हुआ ।बेहद जीनियस इस कलाकार को जैसे  ईश्वरीय वरदान प्राप्त था ।विंची के अंदर दस व्यक्तियों के बराबर प्रतिभा थी ।उनके द्वारा बनाई पेंटिंग "मोनालिसा” का नाम कौन नहीं जानता जो आज भी अपनी  रहस्यमयी मुस्कान के कारण सर्व- प्रसिद्ध एवं सबसे मंहगी पेंटिंग मानी जाती है और इससे जुड़ी अनेक कहानिएं इसे कालजयी पेन्टिंग सी श्रेणी में रखती है  इनकी दूसरी पेंटिंग " द लास्ट सपर” भी असाधारण रचना है। लियोनार्डो  एक मौलिक कलाकार ही नहीं थे कुशल  मूर्तिकार, संगीतज्ञ भी थे हालाँकि वे कभी भी स्कूल नहीं गए तब भी सिविल इंजीनियरिंग  कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग   ,एनाटॉमी, क्लाईमेटोलॉज़ी ,ज्योतिषी ,मैथमेटिक्स ,बॉटनी ,जूलॉजी , तथा मिलिट्री -इजीनियरिंग आदि पर भी उनकी अच्छी पकड़ थी तथा उक्त विषयों पर ऐसा प्रतीत होता है कि वे किताब लिखना चाह रहे थे क्यों कि उक्त विषयों पर उनके अनेक  नोट्स व ड्रॉइंग प्राप्त हुए हैं ।कई साल पहले ही उन्होंने इन सबकी परिकल्पना कर ली थी ।सेना के उपयोग के लिए पुल, नहरों, भाप से चलने वाली तोपों ,शहरों ,हैलिकॉप्टर , एरोप्लेन ,राइफ़ल के डिजाइनकी ड्रॉइंग बनाई । मानव शरीर के अंगों  की आँतरिक संरचना की  भी ड्रॉइंग  बनाई। प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण उनके अनेक चित्र , मूर्ति  अधूरे रह गए और डिजाइन, स्कैच, मॉडल्स  कागज पर ही रह गए पर उनको आदर्श मान कर बाद में मूर्त रूप दिया गया और उनकी बनाई कल्पनाएं जैसे पनडुब्बी ,हैलिकॉप्टर ,टैंक,साफ सुथरे शहरों  ,खिलौने,आज साकार रूप ले चुके हैं।
वे दुनिया के पहले इंसान थे जिन्होंने आसमान के नीले होने का कारण बताया।कैंची का आविष्कार किया।वे एक ही समय में एक हाथ से लिखने का व दूसरे हाथ से स्कैच बनाने का काम कर सकते थे।आश्चर्य होता है कि एक ही व्यक्ति में एक साथ इतनी विलक्षण प्रतिभाएँ कैसे संभव हैं ?
क्वीन्स गैलरी में इस समय लगभग 200 ड्रॉइंग प्रदर्शित हैं।उनके 65 वर्षों के काम की सबसे बड़ी प्रदर्शनी दर्शकों के अवलोकनार्थ लगी हुई थी ।ऑडियो गाइड भी उपलब्ध थे जिससे जानकारी प्राप्त होती रही ।एक सोविनियर शॉप भी थी जिसमें बहुत ही ख़ूबसूरत सामान रॉयल प्रतीक चिन्ह सहित  उपलब्ध थे परन्तु बहुत ही मंहगे थे अत: बस निशानी तौर पर एक  फ्रिज मैगनेट लिया और उस महान कलाकार को मन ही मन प्रणाम कर वापिस आ गए। 


                                                                 

























































ताना - बाना - मेरी नज़र से - 11 (अंतिम) रश्मि प्रभा

ताना - बाना - मेरी नज़र से - 11 (अंतिम)    ताना-बाना उषा किरण  शिवना प्रकाशन  कितना कुछ हम मुट्ठी में भरकर...